Title:-Harit Urja ke Vikas evam Sanvardhan mein Bankon evam Vittiya Sansthanon ki Bhumika (Madhya Pradesh ke Reeva Jile ke Vishesh Sandarbh men) Download
Authors:-Sarita singh/Dr. Neelam Trivedi
Author’s Details :
1. सरिता सिंह
शोधार्थी, वाणिज्य एवं वित्त अध्ययन विभाग,
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़.
2. डॉ. नीलम त्रिवेदी
शोध निर्देशक, सहायक प्राध्यापक-वाणिज्य,
शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय, कोटा, बिलासपुर (छ. ग.).
Date of Publication (ONLINE) :-18-08-2026
Online Publication Certificate No. :- IJCBM/2316
DOI :-10.71037/ijcbm.v2i3.11
How to cite this article:
singh Sarita/Trivedi Dr. Neelam, “Harit Urja ke Vikas evam Sanvardhan mein Bankon evam Vittiya Sansthanon ki Bhumika (Madhya Pradesh ke Reeva Jile ke Vishesh Sandarbh men)” IJCBM, Vol-2, Issue-3, July-Sept., 2026, Page No. :-185-195. URL : https://ijcbm.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/09/Sarita-singh-Dr.-Nilam-trivedi-IJCBM-vol-2-issue-3-July-Sept.-2026-pp-185-195.pdf
Abstract : वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय प्रदूषण, ऊर्जा सुरक्षा तथा जीवाश्म ईंधनों पर बढ़ती निर्भरता के कारण हरित ऊर्जा का विकास एवं संवर्धन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। हरित ऊर्जा के विस्तार के लिए तकनीकी एवं प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ पर्याप्त, सुलभ एवं दीर्घकालीन वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता ,होती है। इस संदर्भ में बैंक एवं वित्तीय संस्थान हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ हरित वित्तीय उत्पादों, निवेश, जागरूकता एवं अन्य प्रोत्साहनात्मक गतिविधियों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अध्ययन का उद्देश्य मध्य प्रदेश के रीवा जिले के विशेष संदर्भ में हरित ऊर्जा के विकास एवं संवर्धन में बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों की भूमिका का अध्ययन करना है। अध्ययन वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रकृति का है तथा मुख्यतः द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है।
इस शोध से ज्ञात होता है कि बैंक एवं वित्तीय संस्थान नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ऋण, निवेश, हरित वित्त, हरित ऋण तथा अन्य वित्तीय साधनों के माध्यम से हरित ऊर्जा के विस्तार में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, वित्तीय जागरूकता, सरल ऋण प्रक्रिया, वित्तीय परामर्श एवं जोखिम न्यूनीकरण के माध्यम से वे हरित ऊर्जा के संवर्धन को भी प्रभावी बना सकते हैं। रीवा जिले में नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाओं एवं सौर ऊर्जा से संबंधित गतिविधियों को देखते हुए वित्तीय संस्थानों की सक्रिय भूमिका क्षेत्रीय सतत विकास को गति प्रदान कर सकती है। अध्ययन में दीर्घकालीन वित्त, हरित वित्तीय उत्पादों के विस्तार, जोखिम न्यूनीकरण, सरकारी-निजी एवं वित्तीय संस्थागत समन्वय तथा जागरूकता कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
Keywords: हरित ऊर्जा, हरित वित्त, हरित बैंकिंग, बैंक, वित्तीय संस्थान, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास, रीवा।
Publication Details:
Journal : Indian Journal of Commerce, Business & Management (IJCBM)
ISSN : 3108-057X (Online)
3108-1282 (Print)
Published In : Volume-2 | Issue-3, July-Sept., 2026.
Page Number(s) : 185-195
Publisher Name :
Mrs Anubha Chaudhary | https://ijcbm.gyanvividha.com | E-ISSN 3108-057X | P-ISSN 3108-1282
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